आरती कीजे श्री रघुवर जी की

raghuvar ji

Audio embed from archive.org

 

आरती कीजै श्री रघुवर जी की, 

सत् चित् आनन्द शिव सुन्दर की । 

दशरथ तनय कौशल्या नन्दन, 

सुर मुनि रक्षक दैत्य निकन्दन । 

अनुगत भक्त भक्त उर चन्दन, 

मर्यादा पुरूषोतम वर की । 

निर्गुण सगुण अनूप रूप निधि, 

सकल लोक वन्दित विभिन्न विधि । 

हरण शोक-भय दायक नव निधि, 

माया रहित दिव्य नर वर की । 

जानकी पति सुर अधिपति जगपति, 

अखिल लोक पालक त्रिलोक गति ।

विश्व वन्द्य अवन्ह अमित गति, 

एक मात्र गति सचराचर की । 

शरणागत वत्सल व्रतधारी, 

भक्त कल्पतरुवर तरुवर असुरारी । 

नाम लेत जग पावनकारी, 

वानर सखा दीन दुख हर की।

 

22.0K

Comments

52zza

आदि राम कौन है?

कबीरदास जी के अनुसार आदि राम - एक राम दशरथ का बेटा, एक राम घट घट में बैठा, एक राम का सकल उजियारा, एक राम जगत से न्यारा - हैं। दशरथ के पुत्र राम परमात्मा, जगत की सृष्टि और पालन कर्ता हैं।

गौ माता की प्रार्थना क्या है?

ऋद्धिदां वृद्धिदां चैव मुक्तिदां सर्वकामदाम्। लक्ष्मीस्वरूपां परमां राधां सहचरीं पराम्। गवामधिष्ठातृदेवीं गवामाद्यां गवां प्रसूम्। पवित्ररूपां पूज्यां च भक्तानां सर्वकामदाम्। यया पूतं सर्वविश्वं तां देवीं सुरभीं भजे।

Quiz

कृत्तिबासि रामायण के रचयिता कौन है ?
Copyright © 2024 | Vedadhara | All Rights Reserved. | Designed & Developed by Claps and Whistles
| | | | |